🚨 अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच का खुलासा: फर्जी RTO E-Challan APK से ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे हैं। इसी कड़ी में अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जिसमें RTO E-Challan के नाम पर नकली APK ऐप के जरिए लोगों से ठगी की जा रही थी।
📌 मामला क्या है?
साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को RTO E-Challan के नाम पर एक फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी।
यह APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल करवाकर यूजर की संवेदनशील जानकारी चोरी की जाती थी।
इसके बाद आरोपी बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
इस प्रकार की ठगी को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।
🕵️♂️ पुलिस कार्रवाई
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच को इस प्रकार की शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई।
तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
पुलिस टीम ने सफल ऑपरेशन के तहत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
👤 आरोपी की जानकारी
आरोपी का नाम: धनश्याम भूपतभाई बोरिया
निवासी: सूरत, गुजरात
आरोपी इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था।
💻 अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
WhatsApp या अन्य माध्यम से APK भेजना
लोगों को मैसेज भेजकर बताया जाता था कि उनका RTO चालान बकाया है।
फर्जी ऐप इंस्टॉल करवाना
APK फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल का एक्सेस मिल जाता था।
डेटा चोरी
बैंक डिटेल, OTP, और अन्य निजी जानकारी हासिल की जाती थी।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन
आरोपी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
💰 ठगी की रकम
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने इस तरीके से लगभग ₹39,82,455/- की ठगी की थी।
⚖️ कानूनी कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
आईटी एक्ट की संबंधित धाराएं
भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़ी धाराएं
⚠️ आम जनता के लिए चेतावनी
👉 किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
👉 RTO या किसी सरकारी विभाग का ऐप केवल Google Play Store / Official Website से ही डाउनलोड करें।
👉 किसी भी लिंक या ऐप के जरिए OTP या बैंक डिटेल साझा न करें।
👉 संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
यह मामला स्पष्ट करता है कि साइबर अपराधी अब सरकारी सेवाओं के नाम पर भी ठगी कर रहे हैं। इसलिए जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से ऐसे अपराधियों पर कड़ा संदेश गया है कि कानून से बचना संभव नहीं है।