RE-NEET पेपर लीक के नाम पर साइबर ठगी का भंडाफोड़, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
छात्रों और अभिभावकों को बनाया जा रहा था निशाना
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल ही में अहमदाबाद शहर की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो RE-NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा करके छात्रों और उनके अभिभावकों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
कैसे किया जाता था फ्रॉड?
आरोपियों ने टेलीग्राम पर कई चैनल और आईडी बनाकर RE-NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध होने का दावा किया। सोशल मीडिया और टेलीग्राम के माध्यम से आकर्षक विज्ञापन, पोस्ट और संदेश प्रसारित किए जाते थे, जिनमें छात्रों को परीक्षा में सफलता और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था।
जब कोई छात्र या अभिभावक संपर्क करता था, तब उनसे प्रश्नपत्र और गोपनीय परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान मांगा जाता था। भुगतान प्राप्त होने के बाद या तो संपर्क बंद कर दिया जाता था या फिर लगातार अलग-अलग बहानों से और पैसे मांगे जाते थे।
साइबर क्राइम ब्रांच की जांच
डिजिटल फॉरेंसिक जांच और मानव स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. सुमेर सिंह मीणा
निवासी: जयपुर, राजस्थान
शिक्षा: ITI (Electronics)
2. आकाश मीणा
निवासी: कोटा, राजस्थान
शिक्षा: BA (English, Hindi)
जांच में हुए महत्वपूर्ण खुलासे
जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने RE-NEET से संबंधित लगभग 8 टेलीग्राम चैनल संचालित किए थे। हालांकि उनके पास किसी भी परीक्षा का वास्तविक प्रश्नपत्र या गोपनीय सामग्री नहीं मिली।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी केवल परीक्षा संबंधी ठगी ही नहीं, बल्कि निवेश (Investment) फ्रॉड, ट्रेडिंग स्कैम तथा अन्य साइबर अपराधों में भी सक्रिय थे। वे "Trade With Karol" और "Pankaj Bhardwaj" जैसे टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे।
करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा
पुलिस जांच में आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए। आरोपियों द्वारा फर्जी गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था ताकि पैसों का वास्तविक स्रोत छिपाया जा सके।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लगभग 44 वेबसाइटें बनाई थीं, जिनका उपयोग ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग, सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड गतिविधियों के लिए किया जाता था।
ठगी में उपयोग किए गए प्रमुख टेलीग्राम चैनल
Raghav_singh_neet
DEEPAK WADHWA
JEET SHAH CRYPTO
PANKAJ BHARDWAJ WAY2LAABH
TRADING WITH KAROL
RAJDHANI DAY KALYANI
NEET RAGHAV SIR ORIGINAL
STUDENT MONEY HELP
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
साइबर अपराधी अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों और प्रवेश प्रक्रियाओं को निशाना बनाते हैं। इसलिए निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें:
क्या करें?
✅ परीक्षा संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइटों से प्राप्त करें।
✅ किसी भी टेलीग्राम चैनल या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
✅ किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान करने से पहले जानकारी की पुष्टि करें।
✅ संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
क्या न करें?
❌ प्रश्नपत्र लीक, रिजल्ट बदलने या प्रवेश की गारंटी देने वाले दावों पर विश्वास न करें।
❌ अनजान व्यक्तियों के बैंक खातों या QR कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें।
❌ सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों को आगे शेयर न करें।
साइबर अपराध की शिकायत कहां करें?
यदि आपको किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, परीक्षा फ्रॉड या साइबर अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत:
📞 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
🌐 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
RE-NEET प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर की जा रही यह साइबर ठगी इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि अपराधी छात्रों की भावनाओं और भविष्य से जुड़ी चिंताओं का फायदा उठाने का प्रयास करते हैं। परीक्षा में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। साइबर जागरूकता ही साइबर सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।
