APK Fraud क्या है? अहमदाबाद साइबर क्राइम ने फर्जी APK गैंग का किया भंडाफोड़ | APK Scam Alert 2026

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APK Fraud क्या है? अहमदाबाद साइबर क्राइम ने फर्जी APK गैंग का किया भंडाफोड़ | APK Scam Alert 2026

APK Fraud क्या है?

आज के समय में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इनमें सबसे खतरनाक तरीका है Malicious APK Fraud। इस धोखाधड़ी में अपराधी बैंक, गैस कंपनी, बिजली विभाग, KYC अपडेट, ट्रैफिक चालान, सरकारी योजना या शादी के निमंत्रण के नाम पर नकली APK फाइल भेजते हैं।

जैसे ही कोई व्यक्ति इस APK को अपने Android मोबाइल में इंस्टॉल करता है, साइबर अपराधी उसके मोबाइल का नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं और बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

अहमदाबाद साइबर क्राइम की बड़ी सफलता

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जिसने पूरे देश में फर्जी APK फाइलों के माध्यम से लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की।

जांच के दौरान मुख्य APK डेवलपर सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि अपराधी Telegram Bot के माध्यम से विभिन्न प्रकार की फर्जी APK फाइलें बेचते थे और देशभर के साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।

APK Fraud कैसे काम करता है?

साइबर अपराधी पहले किसी विश्वसनीय संस्था का नाम लेकर संदेश भेजते हैं, जैसे—

  • बैंक KYC अपडेट
  • गैस बिल अपडेट
  • बिजली बिल
  • RTO चालान
  • क्रेडिट कार्ड
  • कस्टमर सपोर्ट
  • सरकारी योजना
  • शादी का निमंत्रण

इसके बाद पीड़ित को APK डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

APK इंस्टॉल होते ही अपराधी मोबाइल में विभिन्न Permissions प्राप्त कर लेते हैं।

APK इंस्टॉल करने के बाद क्या होता है?

एक बार APK इंस्टॉल हो जाने पर अपराधी—

  • OTP पढ़ सकते हैं।
  • SMS एक्सेस कर सकते हैं।
  • WhatsApp पढ़ सकते हैं।
  • Contacts और Photos देख सकते हैं।
  • बैंकिंग App की जानकारी चुरा सकते हैं।
  • मोबाइल स्क्रीन को Remote Control कर सकते हैं।
  • बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
  • उसी APK को WhatsApp एवं Telegram के माध्यम से अन्य लोगों तक स्वतः भेज सकते हैं।

अपराधी किन नामों से APK भेजते हैं?

साइबर अपराधी अक्सर भरोसा जीतने के लिए निम्न नामों का उपयोग करते हैं—

  • SBI KYC
  • ICICI Bank
  • HDFC Credit Card
  • Axis Bank
  • PM Kisan Yojana
  • e-Challan
  • Gas Bill Update
  • Electricity Bill
  • Wedding Invitation

आरोपियों की जानकारी (Accused Information)

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में इस मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के अनुसार, प्रत्येक आरोपी की भूमिका अलग-अलग थी।

1. पूर्णानंद उर्फ मुकेश तिवारी (मुख्य APK डेवलपर)

  • आयु: 28 वर्ष
  • शिक्षा: 10वीं पास
  • भूमिका: फर्जी एवं मालवेयर युक्त APK फाइलों का विकास (Developer)।
  • आरोप है कि इसने एक Telegram Bot तैयार किया, जिसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की दुर्भावनापूर्ण APK फाइलें उपलब्ध कराई जाती थीं।

2. विकास दास (APK सप्लायर)

  • आयु: 33 वर्ष
  • शिक्षा: 5वीं पास
  • भूमिका: कथित रूप से तैयार APK फाइलों को अन्य साइबर अपराधियों तक पहुँचाना।
  • जांच में सामने आया कि यह विभिन्न ग्राहकों को APK उपलब्ध कराता था तथा भुगतान की प्रक्रिया में भी शामिल था।

3. सीताराम नकुल मंडल (सर्विस प्रोवाइडर)

  • आयु: 26 वर्ष
  • शिक्षा: 8वीं पास
  • भूमिका: कथित रूप से बैंकिंग संसाधन एवं अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर साइबर धोखाधड़ी में सहयोग करना।

जांच में क्या सामने आया?

जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी Telegram Bot के माध्यम से बैंक KYC, गैस बिल, बिजली बिल, RTO चालान, क्रेडिट कार्ड, कस्टमर सपोर्ट आदि के नाम पर विभिन्न प्रकार की नकली APK फाइलें उपलब्ध कराते थे। इन APK फाइलों को इंस्टॉल करने के बाद पीड़ितों के मोबाइल से संवेदनशील जानकारी चोरी कर बैंक खातों से धोखाधड़ी की जाती थी। 

APK Fraud से कैसे बचें?

✔ केवल Google Play Store या आधिकारिक App Store से ही ऐप डाउनलोड करें।

✔ Unknown Source से APK इंस्टॉल न करें।

✔ किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें।

✔ OTP, PIN, Password या Banking Details किसी के साथ साझा न करें।

✔ Google Play Protect हमेशा चालू रखें।

✔ मोबाइल का Software नियमित रूप से अपडेट करें।

यदि गलती से APK इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?

  1. तुरंत इंटरनेट (Wi-Fi/Mobile Data) बंद करें।
  2. संदिग्ध App को Uninstall करें।
  3. बैंक एवं ईमेल के Password बदलें।
  4. तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।
  5. मोबाइल को Trusted Security App से Scan करें।
  6. आवश्यकता होने पर Factory Reset करें।
  7. तुरंत Cyber Helpline 1930 पर कॉल करें।
  8. National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें।

APK Fraud आज भारत में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों में से एक है। केवल एक गलत क्लिक आपकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण और जीवनभर की कमाई को खतरे में डाल सकता है।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता अवश्य जांचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टॉल करें।

सुरक्षित रहें, जागरूक रहें और साइबर अपराधियों से सतर्क रहें


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