देशभर में बम धमकी ई-मेल मामला: अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार
पिछले कुछ महीनों से भारत के कई राज्यों में स्कूलों, मेट्रो रेल सेवाओं और सरकारी संस्थानों को ई-मेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकियाँ मिलने की घटनाएँ सामने आ रही थीं। इन धमकी भरे ई-मेल के कारण कई स्थानों पर दहशत का माहौल बन गया था और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में काम करना पड़ रहा था। इस संवेदनशील मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देशभर में भेजे गए धमकी भरे ई-मेल के पीछे काम कर रहे डिजिटल नेटवर्क का भी बड़ा खुलासा हुआ है।
लगातार मिल रही थीं बम धमकी वाली ई-मेल
जांच एजेंसियों के अनुसार पिछले कुछ समय से गुजरात सहित देश के कई राज्यों में स्थित स्कूलों, अदालतों, डाकघरों और अन्य सरकारी संस्थाओं को ई-मेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकियाँ भेजी जा रही थीं। इन ई-मेल में अक्सर “बम ब्लास्ट” का उल्लेख किया जाता था और कुछ संदेशों में “खालिस्तान” जैसे शब्दों का उपयोग कर देश में भय और अस्थिरता फैलाने का प्रयास किया गया था।
कई ई-मेल में भारत के प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का नाम लेकर भी धमकीपूर्ण संदेश लिखे गए थे। ऐसे संदेशों का उद्देश्य लोगों में आतंक और भ्रम फैलाना तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करना था।
इन घटनाओं के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियाँ और साइबर क्राइम यूनिट लगातार इन ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई थीं।
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की तकनीकी जांच
अहमदाबाद शहर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी। पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक के मार्गदर्शन और संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) शरद सिंघल के निर्देशन में विशेष जांच शुरू की गई।
अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 11191067260023/2026 के तहत इस मामले की जांच की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351(3), 351(4), 353(1)(B), 61(2) तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(C) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस निरीक्षक एस.आर. झाला और उनकी तकनीकी टीम ने विभिन्न स्थानों से प्राप्त धमकी भरे ई-मेल का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया। ई-मेल हेडर, सर्वर लॉग, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेसिंग के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की गई कि इन संदेशों को भेजने के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है।
जांच के दौरान कई ई-मेल आईडी के बीच तकनीकी कनेक्शन सामने आए, जिनसे यह संकेत मिला कि इनका स्रोत पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गोपालनगर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
पश्चिम बंगाल में संयुक्त ऑपरेशन
जैसे ही तकनीकी जांच में स्पष्ट संकेत मिले, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम तुरंत पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुई।
स्थानीय पुलिस की मदद से गोपालनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (उम्र लगभग 30 वर्ष) नामक आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का पता इस प्रकार है:
श्री पल्लि बाजार, गोबिंदपल्ली
पोस्ट – बैरकपुर
पुलिस स्टेशन – गोपालनगर
जिला – उत्तर 24 परगना
राज्य – पश्चिम बंगाल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अहमदाबाद लाया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस को आरोपी की 10 दिन की कस्टडी रिमांड मिली है ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके।
आरोपी का डिजिटल अपराध नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध डिजिटल सेवाओं का कारोबार करता था।
आरोपी द्वारा संचालित एक वेबसाइट के माध्यम से कई प्रकार के डिजिटल अकाउंट और सेवाएँ बेची जाती थीं। इनमें शामिल थे:
- Gmail Accounts
- Bank Accounts
- Cash App Accounts
- Google Voice Numbers
- TextNow Accounts
- VPN और Proxy Services
- Facebook, Instagram और Telegram Accounts
- WhatsApp Accounts
- Valid Phone Numbers
- RDP और VPS Services
- Premium Online Subscriptions
पुलिस के अनुसार आरोपी इंटरनेट और डार्कवेब से डेटा लीक या हैक किए गए ई-मेल अकाउंट खरीदता था। इसके बाद वह उन अकाउंट्स के पासवर्ड और सेटिंग्स में बदलाव कर उन्हें दोबारा बेच देता था।
इन ई-मेल अकाउंट्स की कीमत आमतौर पर 1 से 5 अमेरिकी डॉलर के बीच होती थी और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लिया जाता था। यही कारण है कि इस प्रकार के अवैध लेन-देन को ट्रैक करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 3 CPU
- 5 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
- 3 मोबाइल फोन
- 1 इंटरनेट राउटर
जब्त किए गए कंप्यूटर सिस्टम के डेटा की जांच में लगभग 200 से अधिक Gmail ID, पासवर्ड और रिकवरी ई-मेल का डेटा मिला है। इसके अलावा कई Hotmail ई-मेल अकाउंट भी मिले हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन ई-मेल आईडी का उपयोग देश के विभिन्न हिस्सों में धमकी भरे संदेश भेजने के लिए किया गया था।
धमकी देने में इस्तेमाल हुई ई-मेल आईडी
अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों की जांच में कुछ ई-मेल आईडी सामने आई हैं जिनका उपयोग धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया था, जैसे:
- rhoniquee20@gmail.com
- biswasrishika07@gmail.com
- sarinalorenzo80@gmail.com
- deloarhossen.vkn91@gmail.com
- aaasy501@gmail.com
- mazielaubscherl612@hotmail.com
- hayashihyacintha678891@mailxsx.com
- munroquickelz800@hotmail.com
- kurisuludie789567@mailxsx.com
इन ई-मेल आईडी के माध्यम से देश के कई राज्यों में स्कूलों और सरकारी संस्थानों को धमकी भेजी गई थी।
कई राज्यों में फैला था मामला
जांच में यह सामने आया कि धमकी भरे ई-मेल केवल एक राज्य तक सीमित नहीं थे। इनका असर कई राज्यों में देखा गया, जिनमें शामिल हैं:
- गुजरात
- दिल्ली
- पंजाब
- हरियाणा
- महाराष्ट्र
- असम
- उत्तर प्रदेश
इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने कुछ ई-मेल अकाउंट बांग्लादेश के एक व्यक्ति को भी बेचे थे। इससे इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना भी सामने आई है।
पुलिस अब बांग्लादेश स्थित संदिग्धों और उनके संभावित साथियों के बारे में भी जांच कर रही है।
आरोपी का पूर्व इतिहास
पुलिस पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी पहले एक साइबर कैफे में काम करता था। वहीं से उसे इंटरनेट, ई-मेल अकाउंट और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिली।
बाद में उसने डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन अकाउंट बिक्री का अवैध कारोबार शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क में बदल गया।
स्कूलों और संस्थाओं के लिए पुलिस की अपील
बम धमकी से जुड़े ई-मेल मिलने की स्थिति में घबराने की बजाय सावधानीपूर्वक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
तुरंत किए जाने वाले कदम:
- अफवाह या घबराहट फैलाने से बचें
- तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें
- प्राप्त ई-मेल को डिलीट न करें
- संदिग्ध वस्तु या पैकेट को हाथ न लगाएं
- संस्थान का इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान लागू करें
नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा सलाह
साइबर अपराधों से बचने के लिए आम नागरिकों को भी कुछ सावधानियाँ अपनानी चाहिए:
- सोशल मीडिया पर अप्रमाणित जानकारी साझा न करें
- संदिग्ध गतिविधि तुरंत पुलिस को बताएं
- मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें
- महत्वपूर्ण खातों में Two-Factor Authentication (2FA) सक्रिय रखें
- अनजान लिंक या ई-मेल अटैचमेंट न खोलें
- समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें
- सार्वजनिक Wi-Fi पर संवेदनशील कार्य करने से बचें
- केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच और क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने देशभर में फैल रही बम धमकी ई-मेल की घटनाओं के पीछे छिपे डिजिटल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उजागर किया है।
यह मामला यह भी दिखाता है कि आज के समय में साइबर अपराध केवल ऑनलाइन धोखाधड़ी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है।
पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों, अंतरराष्ट्रीय लिंक और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।