अहमदाबाद में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ₹67.92 लाख की ठगी, साइबर क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपियों को पकड़ा
अहमदाबाद, गुजरात: शेयर बाजार में निवेश करके कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की प्रेसनोट के अनुसार, इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के संबंध में 15 से अधिक राज्यों में 80 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतों और ₹50 करोड़ से अधिक के लेनदेन से संबंधित जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
WhatsApp के जरिए शुरू हुई निवेश की ठगी
पुलिस की प्रेसनोट के मुताबिक, शिकायतकर्ता को अलग-अलग WhatsApp नंबरों से फोन किए गए। फोन करने वालों ने Julius Baer कंपनी की JB X One नामक एप्लिकेशन के माध्यम से निवेश करने की सलाह दी।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश करने पर ब्रोकर का कोई शुल्क नहीं लगेगा। कंपनी को SEBI में रजिस्टर्ड बताकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीतने का प्रयास किया गया।
इसके लिए SEBI के नाम, लोगो और हस्ताक्षर-मुहर वाला एक कथित प्रमाणपत्र भी भेजा गया, जो पुलिस के अनुसार फर्जी था।
इसके बाद शिकायतकर्ता से JB X One एप्लिकेशन में ₹47,14,000 का निवेश करवाया गया।
दूसरी ट्रेडिंग एप्लिकेशन में भी करवाया निवेश
इसके बाद शिकायतकर्ता को ID-QSB नाम की एक अन्य एप्लिकेशन डाउनलोड करने और उसमें अकाउंट बनाने के लिए कहा गया।
आरोपियों ने ब्लॉक ट्रेडिंग के जरिए प्रतिदिन 5% से 20% तक मुनाफा मिलने का लालच दिया। इस लालच में शिकायतकर्ता ने ID-QSB प्लेटफॉर्म पर ₹20,78,000 और निवेश कर दिए।
इस प्रकार दोनों एप्लिकेशन में शिकायतकर्ता से कुल ₹67,92,000 जमा करवाए गए।
अकाउंट में दिखाया ₹74 लाख से अधिक का बैलेंस
पुलिस की प्रेसनोट के अनुसार, ID-QSB एप्लिकेशन पर शेयरों की खरीद-बिक्री के दौरान शिकायतकर्ता के अकाउंट में ₹74,32,707.79 का बैलेंस दिखाई दे रहा था।
जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर उनसे 20% शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस जमा करने के लिए कहा गया।
जांच के अनुसार, दोनों एप्लिकेशन पर दिखाई जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक जानकारी फर्जी थी। इस तरीके से शिकायतकर्ता को वास्तविक लाभ होने का विश्वास दिलाया गया और उनसे रकम जमा करवाई गई।
कमीशन पर बैंक खाते लेकर आगे भेजने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों की भूमिका बैंक खाते प्राप्त करने, उन्हें अन्य आरोपियों तक पहुंचाने और इसके बदले कमीशन लेने से जुड़ी थी।
प्रेसनोट के अनुसार, एक आरोपी ने अपना बैंक खाता कमीशन लेकर दूसरे आरोपी को दिया। इसके बाद कई अन्य बैंक खाते भी अलग-अलग आरोपियों के माध्यम से आगे पहुंचाए गए।
जांच में एक आरोपी के पास से 30 से अधिक बैंक खातों की किट मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस की प्रेसनोट में इन बैंक खातों को दुबई भेजने वाले गिरोह का भी उल्लेख किया गया है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने चार आरोपियों को पकड़ा
अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच की प्रेसनोट में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं:
- इरफान इम्तियाजअली शेख
- सोहेब यासीनभाई जोजावरवाला
- शहजाद रफीकभाई अजमेरवाला
- इस्तियाक युसुफभाई रियावाला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएं बैंक खाते उपलब्ध कराने, खातों को आगे पहुंचाने और इस प्रक्रिया में कमीशन प्राप्त करने से संबंधित थीं।
15 से अधिक राज्यों में 80 से ज्यादा शिकायतों से जुड़े लेनदेन
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर चेक की गई।
पुलिस की प्रेसनोट के मुताबिक, इस जांच में 15 से अधिक राज्यों में 80 से ज्यादा शिकायतों से संबंधित जानकारी सामने आई। इन शिकायतों से जुड़े लेनदेन की राशि ₹50 करोड़ से अधिक बताई गई है।
इन बैंक खातों और अन्य संभावित साइबर अपराधों में आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
ऑनलाइन निवेश की ठगी से कैसे बचें?
ऑनलाइन निवेश करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर ऐसी धोखाधड़ी से बचने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
1. निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें
कोई कंपनी या प्लेटफॉर्म खुद को SEBI में रजिस्टर्ड बताता है, तो केवल लोगो, प्रमाणपत्र या दस्तावेज देखकर भरोसा न करें। आधिकारिक स्रोत से उसकी जानकारी सत्यापित करें।
2. रोजाना भारी मुनाफे के वादों से सावधान रहें
यदि कोई व्यक्ति या एप्लिकेशन एक दिन में 5% से 20% तक मुनाफा मिलने का दावा करता है, तो बिना जांच-पड़ताल के निवेश न करें।
3. WhatsApp पर मिलने वाली निवेश सलाह की पुष्टि करें
अनजान नंबरों से आने वाले निवेश प्रस्ताव, ट्रेडिंग टिप्स और एप्लिकेशन लिंक पर तुरंत भरोसा न करें।
4. फर्जी ट्रेडिंग ऐप से बचें
किसी एप्लिकेशन में बड़ा बैलेंस या मुनाफा दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि वास्तव में आपके खाते में उतनी रकम मौजूद है।
5. पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त रकम मांगने पर सतर्क रहें
यदि रकम निकालने से पहले टैक्स, फीस या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे जमा करने के लिए कहा जाता है, तो भुगतान करने से पहले स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि करें।
6. ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें
यदि आप ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें और आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और बैंक खातों के कथित दुरुपयोग की जांच के महत्व को दर्शाती है।
निवेश करने से पहले कंपनी, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश संबंधी सलाह देने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता जांचना आवश्यक है। फर्जी प्रमाणपत्र, आकर्षक मुनाफे के दावे और एप्लिकेशन में दिखाई देने वाले बैलेंस के आधार पर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।
याद रखें: निवेश से पहले सत्यापन करें, लालच में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।