फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट बनकर सीनियर सिटीजन से लाखों की ठगी, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश

GURU CYBER YODHA
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फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट बनकर सीनियर सिटीजन से लाखों की ठगी अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश

अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपराधियों ने फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट बनकर सीनियर सिटीजन से लाखों रुपये की ठगी की। अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच की सतर्कता और बैंक कर्मचारियों की समझदारी से इस संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

यह मामला साबित करता है कि आज के समय में अपराधी सिर्फ ऑनलाइन नहीं, बल्कि ऑफलाइन ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर बुज़ुर्गों को निशाना बना रहे हैं।

कैसे हुआ फर्जी डॉक्टर ठगी का खुलासा?

बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा ने साइबर क्राइम ब्रांच को सूचना दी कि एक सीनियर सिटीजन बार-बार एफडी तोड़कर बड़ी रकम निकाल रहा है। बैंक कर्मचारियों को शक हुआ कि मामला डिजिटल अरेस्ट या धोखाधड़ी से जुड़ा हो सकता है।

सूचना मिलते ही साइबर क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुँची और CCTV फुटेज की जांच की। जांच में पाया गया कि एक संदिग्ध व्यक्ति लगातार बुज़ुर्ग की रेकी (surveillance) कर रहा था।

फर्जी फिजियोथेरेपिस्ट ठगी का तरीका (Modus Operandi)

जांच में सामने आया कि आरोपी और उसका गिरोह निम्न तरीके से ठगी करता था:

  • बाजार, अस्पताल, दवाखाने और सार्वजनिक स्थानों पर अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन को टारगेट
  • खुद को डॉक्टर / फिजियोथेरेपिस्ट बताकर विश्वास जीतना
  • “चलने-फिरने की समस्या” ठीक करने का झांसा
  • घर जाकर सुई लगाकर काला खून निकालने का नाटक
  • प्रति बूंद ₹7,000 तक चार्ज
  • कोई मेडिकल रिपोर्ट या पर्ची नहीं देना
  • इलाज के बाद बुज़ुर्ग को बैंक तक फॉलो करना
  • नकद निकासी के बाद घर पहुँचकर पैसे हड़प लेना

इस मामले में आरोपियों ने एक सीनियर सिटीजन से ₹4,00,000 और ₹2,70,000 की ठगी की, जिसे साइबर क्राइम ब्रांच ने रिकवर कर लिया

आरोपी की गिरफ्तारी

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में राजस्थान निवासी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के अन्य सदस्य इंजीनियर, डॉक्टर और असिस्टेंट बनकर ठगी करते थे। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।क्यों सीनियर सिटीजन होते हैं आसान शिकार?

  • अकेले रहना
  • उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याएँ
  • डॉक्टर पर जल्दी भरोसा
  • डिजिटल और बैंकिंग जानकारी की कमी
  • डर और जल्द ठीक होने की चाह

इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठाकर अपराधी ठगी करते हैं।

सीनियर सिटीजन के लिए जरूरी सुरक्षा टिप्स

Senior Citizen Safety Tips Against Fraud

  • कोई भी डॉक्टर घर आकर इलाज का दावा करे तो पहले सत्यापन करें
  • बिना क्लिनिक या अस्पताल के इलाज स्वीकार न करें
  • अनजान व्यक्ति को नकद या बैंक जानकारी न दें
  • अचानक बड़ी रकम निकालने से पहले परिवार या बैंक से सलाह लें
  • शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करेंअहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की अपील

साइबर क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह की ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। समय पर सूचना मिलने से आरोपियों की गिरफ्तारी और पैसे की रिकवरी संभव हो पाती है।

👉 शिकायत दर्ज करें: www.cybercrime.gov.in

यह मामला दिखाता है कि ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। आज जरूरत है सीनियर सिटीजन साइबर और ऑफलाइन ठगी जागरूकता की।
सतर्कता, जागरूकता और समय पर शिकायत ही सबसे बड़ा बचाव है।

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