Information Technology Intermediary Guidelines Amendment Rules, 2026
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 10 फरवरी 2026 को
Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन जारी किया है।
ये संशोधित नियम 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे।
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य AI-generated (सिंथेटिक) कंटेंट, डीपफेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना के दुरुपयोग को रोकना तथा सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को स्पष्ट करना है।
प्रमुख प्रावधानों का विस्तृत विवरण
1. “सिंथेटिक रूप से जनित सूचना” की परिभाषा
नियमों में पहली बार synthetically generated information को परिभाषित किया गया है।
इसमें वह ऑडियो, वीडियो या दृश्य सामग्री शामिल है जो कंप्यूटर या एल्गोरिदम की सहायता से इस प्रकार बनाई या बदली गई हो कि वह वास्तविक प्रतीत हो।
हालांकि सामान्य संपादन, अनुवाद, गुणवत्ता सुधार या शैक्षणिक सामग्री तैयार करना इस श्रेणी में शामिल नहीं होगा।
2. मध्यवर्ती (Intermediaries) की जिम्मेदारी
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अब निम्नलिखित कार्य सुनिश्चित करने होंगे:
- AI-जनित अवैध सामग्री को रोकने के लिए तकनीकी उपाय लागू करना
- नियमों और उपयोगकर्ता दायित्वों की जानकारी हर तीन महीने में देना
- नियम उल्लंघन पर सामग्री हटाना या एक्सेस रोकना
- आवश्यक होने पर उपयोगकर्ता खाते को निलंबित करना
3. सिंथेटिक कंटेंट के लिए लेबलिंग अनिवार्य
यदि कोई सामग्री AI या कंप्यूटर संसाधन से बनाई गई है, तो:
- उसे स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा
- जहाँ संभव हो वहाँ metadata या unique identifier जोड़ना होगा
- लेबल या metadata हटाने की अनुमति नहीं होगी
इसका उद्देश्य डीपफेक और भ्रामक डिजिटल सामग्री की पहचान को आसान बनाना है।
4. महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यवर्ती (SSMI) के लिए अतिरिक्त नियम
Significant Social Media Intermediaries को:
- अपलोड से पहले उपयोगकर्ता से घोषणा लेनी होगी कि सामग्री सिंथेटिक है या नहीं
- तकनीकी साधनों से घोषणा की पुष्टि करनी होगी
- सिंथेटिक सामग्री को स्पष्ट चेतावनी के साथ प्रदर्शित करना होगा
यदि प्लेटफॉर्म जानबूझकर नियमों का पालन नहीं करता, तो इसे due diligence में विफलता माना जाएगा।
5. समय-सीमा में बदलाव
सरकारी निर्देश या शिकायत मिलने पर कार्रवाई की समय-सीमा को कम किया गया है, जैसे:
- कुछ मामलों में प्रतिक्रिया समय 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दिया गया है।
6. नए आपराधिक कानूनों का संदर्भ
नियमों में अब Indian Penal Code के स्थान पर
भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लेख किया गया है।
आईटी नियम 2026 का यह संशोधन मुख्य रूप से AI-जनित कंटेंट, डीपफेक, और ऑनलाइन गलत सूचना के नियंत्रण पर केंद्रित है।
इन नियमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ेगी और उपयोगकर्ताओं को यह पहचानने में मदद मिलेगी कि कौन-सी सामग्री वास्तविक है और कौन-सी कृत्रिम रूप से बनाई गई है।