राष्ट्रीय मंच पर गुजरात पुलिस की उपलब्धि, PATHIK बना देश का पहला आधार-इंटीग्रेटेड गेस्ट वेरिफिकेशन सिस्टम

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राष्ट्रीय मंच पर गुजरात पुलिस की उपलब्धि, PATHIK बना देश का पहला आधार-इंटीग्रेटेड गेस्ट वेरिफिकेशन सिस्टम

डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने आधार-सक्षम गेस्ट वेरिफिकेशन के लिए Unique Identification Authority of India (UIDAI) के साथ औपचारिक करार कर लिया है। इसके साथ ही अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भारत की पहली कानून-प्रवर्तन एजेंसी बन गई है, जिसने आधार-इंटीग्रेटेड सिस्टम को अपने गेस्ट वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म PATHIK (Program for Analysis of Traveler and Hotel InformatiCs) से जोड़ा है।

यह पहल ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसमें आधार ऐप को PATHIK एप्लिकेशन के साथ सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से एकीकृत किया गया है।

राष्ट्रीय मंच पर तकनीकी उत्कृष्टता की पहचान

PATHIK सॉफ्टवेयर की तकनीकी मजबूती और व्यावहारिक उपयोगिता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशेष मान्यता मिली है। देशभर से आए अनेक आवेदनों में से केवल 11 एजेंसियों को ही अपने नवाचार राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला—और खास बात यह कि PATHIK इस सूची में एकमात्र कानून-प्रवर्तन (Law Enforcement) प्रोजेक्ट है।

यह चयन भारत के सुरक्षा ढांचे के आधुनिकीकरण में PATHIK की विशिष्ट भूमिका को रेखांकित करता है।

PATHIK की प्रमुख विशेषताएं

1) त्वरित और सुरक्षित वेरिफिकेशन
अपग्रेडेड PATHIK सिस्टम के जरिए होटल, पीजी और होम-स्टे QR-कोड स्कैनिंग पर आधारित सहमति-आधारित प्रक्रिया से मेहमानों की पहचान तुरंत सत्यापित कर सकते हैं।

2) नागरिकों की गोपनीयता सर्वोपरि
यह मॉडल प्राइवेसी-फर्स्ट दृष्टिकोण अपनाता है।

  • सिस्टम में कोई आधार नंबर स्टोर नहीं किया जाता।
  • सत्यापन के लिए केवल डिजिटली साइन की गई जनसांख्यिकीय जानकारी और फोटो का सुरक्षित उपयोग होता है।

3) व्यापक और सफल कार्यान्वयन
2017 में स्थानीय पहल के रूप में शुरू हुआ PATHIK आज राज्यव्यापी सफलता बन चुका है। वर्तमान में गुजरात भर में 9,000 से अधिक होटल इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं।

4) ठोस जमीनी प्रभाव
PATHIK ने अब तक

  • 50 से अधिक लापता व्यक्तियों को खोजने में मदद की है, और
  • अवैध इमिग्रेंट्स की पहचान जैसे संवेदनशील मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय मॉडल की ओर एक मजबूत कदम

आधार इंटीग्रेशन के साथ PATHIK अब सुरक्षित, पेपरलेस और पारदर्शी गेस्ट मॉनिटरिंग के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। यह पहल न केवल पुलिसिंग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाती है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों और गोपनीयता की रक्षा को भी प्राथमिकता देती है।

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डिजिटल इंडिया और स्मार्ट पुलिसिंग के इस संगम से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में तकनीक-आधारित कानून-प्रवर्तन भारत की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा।

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