Fact-Check : I4C के ईमेल आईडी के रूप में दिखने वाली फिशिंग ईमेल और फर्जी कोर्ट ऑडर से सावधान रहें।

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साइबर अपराधों का ज्ञान और सावधानी के साथ मुकाबला करना आवश्यक है, खासकर जब ऐसे विपरीत प्रयास होते हैं जो नागरिकों को धोखे में डाल सकते हैं। हाल ही में, वेबसाइट i4c के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट cybercrimegovin(.)in बनाई गई है, जो नागरिकों को धमकाकर उनसे वित्तीय और निजी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
यह फर्जी ईमेल, जो अदालती आदेश के बारे में दावा करता है, नागरिकों को डराने की कोशिश कर रहा है और उन्हें धोखा देकर वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी भेजने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की नाम का भी  फर्जी डोमेन ddlpolicedelhi(.)in, ddlpolicedelhi(.)com बनाया गया है, जिसका उपयोग भी धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया जा रहा है।


इस चिंता को देखते हुए, साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। यदि किसी ने ऐसा किसी भी फर्जी ईमेल या वेबसाइट से संपर्क किया है, तो उन्हें इसे तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए।

अगर आपको कोई संदेह है कि आपको फर्जी ईमेल मिला है, तो आपको कदम उठाने की आवश्यकता है। पहले तो वेबसाइट का डोमेन जांचें, क्योंकि सरकारी संगठनों के लिए अधिकारिक डोमेन केवल .gov.in होता है। अगर कोई अद्यतन या जानकारी की आवश्यकता होती है, तो आपको सीधे उस संगठन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर प्राप्त करना चाहिए।

फर्जी ईमेल की पुष्टि करने के बाद, इसे उसके अधिकृत माध्यम के माध्यम से रिपोर्ट करें। यहां भारतीय साइबर अपराध केंद्र (i4c) की अधिकृत वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/Webform/cyber_suspect.aspx पर जाकर रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, आप 1930 पर कॉल करके भी पुलिस को सूचित कर सकते हैं ताकि वे इस तरह के फर्जी प्रयासों का संज्ञान ले सकें और उचित कार्रवाई कर सकें।

यह सतर्कता और जागरूकता का समय है। साइबर अपराधों के खिलाफ सकर्मठी से निपटने के लिए, हमें आत्म सतर्कता बनाए रखने और ऐसे फर्जी प्रयासों को पहचानने की आवश्यकता है जो हमें धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से, सरकारी संस्थानों और अन्य प्रमुख संगठनों के नाम पर फर्जी वेबसाइटों का उपयोग किया जाता है, जिससे निजी जानकारी और वित्तीय जानकारी का लुभावने का प्रयास किया जाता है।

इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में, सामाजिक सचेतता और विद्या साझा करने की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेने और ऐसे प्रयासों को रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

धोखाधड़ी के प्रयासों के खिलाफ लड़ने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है जागरूकता और शिक्षा। लोगों को विभिन्न फर्जी तकनीकियों, जैसे कि फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग, के खतरों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि वे इन्हें पहचान सकें और अपने आप को सुरक्षित रख सकें।

साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में सामाजिक सहयोग भी महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक स्तर पर, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को साइबर सुरक्षा के मामले में साझा जानकारी को बढ़ावा देना चाहिए। इसके अलावा, व्यक्तिगत स्तर पर, लोगों को साइबर हानि से बचने के लिए उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जैसे कि मजबूत पासवर्ड उपयोग करना, अपडेट अनुप्रयोगों को आवश्यक रूप से अपडेट करना, और अज्ञात या संदिग्ध ईमेलों को खोलने से बचना।

साइबर अपराधों के खिलाफ सफल लड़ाई में, हमें साथ मिलकर काम करना होगा। नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहने के लिए उत्तेजित किया जाना चाहिए, और सरकार और सामुदायिक संगठनों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में साझा जानकारी और संबंधित उपकरण प्रदान करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसी प्रकार, हम साइबर अपराधों को रोक सकेंगे और एक सुरक्षित और सुरक्षित डिजिटल संसार कानिर्माण करेंगे। इसके लिए, हमें समुदाय के सभी स्तरों पर साझा जागरूकता, शिक्षा, और साइबर सुरक्षा के उपायों के प्रति उत्साहित करने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में सभी का योगदान महत्वपूर्ण है, और हमें संयुक्त और समर्पित दृष्टिकोण के साथ काम करना होगा।

साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में हमारे साथ होने से, हम एक मजबूत, सुरक्षित, और सत्यापित डिजिटल संसार का निर्माण कर सकते हैं। यह आवश्यक है कि हम साइबर सुरक्षा को गंभीरता से लें और समुदाय के सभी सदस्यों को साथ लेकर हम सफलता की ओर बढ़ें।
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